अटेंडेंस पर नोटिस मिलने से आहत 10वीं की छात्रा ने खाया जहर, अंग्रेजी में लिखा सुसाइड नोट
बोर्ड परीक्षाओं से ठीक पहले अजमेर में एक गंभीर घटना सामने आई है, जहां उपस्थिति प्रतिशत कम होने पर स्कूल प्रबंधन द्वारा नोटिस जारी किए जाने से आहत एक छात्रा ने आत्महत्या का प्रयास किया। अलवर गेट थाना क्षेत्र की यह घटना तब प्रकाश में आई जब 16 वर्षीय किशोरी को घर पर विषाक्त पदार्थ का सेवन करते हुए पाया गया। तत्काल उसे जेएलएन अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है और उसे आईसीयू में उपचार दिया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, छात्रा नारेली के पास स्थित एक निजी स्कूल में दसवीं कक्षा की छात्रा थी। परिजनों ने बताया कि प्री-बोर्ड परीक्षाओं के बाद हुई पीटीएम में उसकी उपस्थिति 60 फीसदी बताई गई थी, लेकिन कुछ दिन पहले स्कूल ने सोशल मीडिया पर 50 प्रतिशत उपस्थिति दर्शाते हुए बोर्ड परीक्षा का प्रवेश पत्र रोकने का नोटिस भेज दिया। इस बात को लेकर परिवार परेशान था और स्कूल के चक्कर लगा रहा था।
छात्रा की माँ ने स्कूल प्रबंधन और शिक्षकों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि छात्रा को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। शिक्षकों ने अन्य विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को छात्रा से दूरी बनाए रखने के लिए मजबूर किया था, जिससे वह गहरे मानसिक दबाव में थी।
छात्रा ने जहर खाने से पहले अंग्रेजी में एक मार्मिक सुसाइड नोट भी छोड़ा है। इस नोट में उसने अपनी माँ और भाई से माफी मांगी है और लिखा है कि वह उनकी उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी। नोट में स्कूल में अन्य छात्रों द्वारा अलग-थलग रखे जाने और शिक्षकों के उत्पीड़न के कारण भविष्य खराब होने के डर का भी उल्लेख किया गया है। जब छात्रा की माँ खेत पर थीं, तब भाई के घर पहुंचने पर वह अचेत अवस्था में मिली, जिसके बाद परिजनों ने उसे अस्पताल पहुंचाया। अलवर गेट थाना प्रभारी नरेन्द्र सिंह जाखड़ ने पुष्टि की है कि छात्रा ने विषाक्त पदार्थ का सेवन किया है और मामले की गहन पड़ताल की जा रही है।
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